रात दिन तुम्हारे खयालो में खोया रहता हु , लहरों की तरह साहिल पे मिटता रहता हु , आशु बनकर असमान से बरसता रहता हु , इसकदर तुम्हारी यादो में डूबा रहता हु ..........
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